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गामक जीवन के मिठास : देसी माछ | अपूर्व स्वाद जँ सिलौठी पर पीसल मशल्ला आ पारम्परिक चुल्हा पर बनल
'पग-पग पोखरि माछ मखान' मिथिला के खान-पान : लोक के गामक जीवन के मिठास के दिस अनायास खींच लैत छै। चंन्ना पोठी गइचा भुल्ला कौआ इचना आ विविध माछक संग कांकोर । अंडायल माराक संग गोटपङ्गरा पोठी । सिंधी, कबई, गैंची, गरई, टेंगरा । गैंची-पोठी के अलावे गरई, सिंगही आ गोटे-आधे सूही । अपूर्व स्वाद जँ सिलौठी पर पीसल मशल्लाआ पारम्परिक चुल्हा पर बनल इ टेंगरा आ छही माछ भेटय। Photo Credit : जयचन्द्र झा (पघारी) ___________________________________________________________________________________ 'माछ' उठू यौ बौआ भेलै भोर माछक दर्शन कए होउ विभोर ! बाबू अनलन्हि अछि बाजार सँ सिंघी, मांगुर माछ दुइ सेर पोठी, टेंगरा नहि थिक बौआ जे देखि खसै अछि आँखि सँ नोर उठू यौ बौआ भेलै भोर ------ मिथिला थिक ई माछक धरती जतय नदी, पोखरि अछि पाटल माछ, मखान सँ भरल रहैत अछि गामक पोखरि, जलचर चहुँओर उठू यौ बौआ भेलै भोर ------- माछक नाम सुनितहि भरि जाइछ मुंह मे पाइन बनि टपकै लार बड़ प्रिय लागय रोहु, बुआरी, सिंही, मांगुर आ कबई केर झोर उठू यौ बौआ भेलै भोर------- टेंगरा, पोठी बड़ होइछ सुअदगर का...
' अरिकंचन / एरकंचन ' निक लागैया की नै?
अरिकंचन / अरिकोच / अ रिकोंचक तरकारी बनायब आ खायब साधारण बात नै छै। एकर पांच चरण होइ छै, पांचो अवस्थाक फोटो देल अछि। कोनो दालि-भातके कड़ नै छियै। जोगारके अतिरिक्त मेठनि सेहो बड्ड होइ छै। साओन मास जँं अरिकंचन खाइ, ससरि-फसरि बैकुण्ठे जाइ। 🙏 नयनसुख। जे खाद्य पदार्थ अनुपलब्ध हो ओ देखलो सं मोन संतुष्ट करी। 😃 साभार : Prem Chandra Jha, Ishnath Jha and Prema Jha 👌👏👏👏 #arikanchan #FoodiesOfDarbhanga #maithilculture #biharifood #biharicuisine #indiancuisine #indianfood #mithilavillage #indianvillage #village गर्मी और बरसात के मौसम में आपके पास अरिकंच साग की चटनी होती है जिसे साइड डिश के रूप में खाया जाता है और अरिकंच चक्का का झोर जो एक मुख्य कोर्स डिश है। इसे उसी तरह से तैयार किया जाता है जैसे गुजरात में अरवी के पत्तों से तैयार किया जाता है। सूरज से सूखने के बाद तैयार चाक (पहिए) को सरसों के तेल में तला जाता है और हल्के पानी वाली सरसों की ग्रेवी में पकाया जाता है। अरिंचन (कोलोकैसिया) संयंत्र के बारे में दिलचस्प बात यह है कि इसमें एक अड़चन होती है जो ठीक से नहीं पकने पर होंठ और मुंह में तीव्र ...

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